Wednesday, 12 October 2011

इन्तजार



ये बंदिशें...ये वेङियाँ....ये समन्दर से किनारे.....
आज नहीं तो कल
शायद....
तोङ बैठे ये बदगुमान दिल....
इसी उम्मीद की साँसें लेकर,
लाशें भी यहाँ जिये जा रहीं हैं......

-kumar

33 comments:

Rashmi Garg said...

beautiful creation.......
precise but so touching.....

manjusha.deshpande said...

nice.....

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत खूब!

Dr.Nidhi Tandon said...

नाउमीदी में भी उम्मीद तो है...काफी है !!सुन्दर बात कही कुमार .

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

इसी उम्मीद की साँसें लेकर,
लाशें भी यहाँ जिये जा रहीं हैं......

Khoob...Behtreen Panktiyan

S.N SHUKLA said...

बहुत सुन्दर , सादर

संध्या शर्मा said...

ये बंदिशें...ये वेङियाँ....ये समन्दर से किनारे.....
आज नहीं तो कल
शायद....
तोङ बैठे ये बदगुमान दिल....
बहुत सुन्दर...

रविकर said...

बढ़िया प्रस्तुति |
हमारी बधाई स्वीकारें ||

neemnimbouri.blogspot.com

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

अच्छी प्रस्तुति!

सागर said...

lazwaab abhivaykti....

Babli said...

बहुत सुन्दर रचना ! शानदार चित्र !

सदा said...

बहुत बढिया।

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

कल 14/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

SAJAN.AAWARA said...

bilkul sahi likha hai lhase bhi jee rahi hai balki ye kahna uchit hoga ki aaj ka manav lash ban gaya hai
jai hind jai bharat

chandra said...

bahut badia, par shadi hui nahi hia aapki, ye vichaar to shadi k baad ke hain lagte hain, lagta hai koi metrani hia aapki jisne aapko zindagi k ras chakhaye nahi ab tak, warna aisi kalam to tazrube k baad hi milti hai...

रजनीश तिवारी said...

उम्मीद पर दुनिया कायम है... सुंदर

अजय कुमार said...

सुंदर है । उम्मीदें हौसला देती हैं ।

Babli said...

मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/
http://seawave-babli.blogspot.com

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

क्या बात है...
सुन्दर अलफ़ाज़/ख़याल...
सादर बधाई

YAADEIN said...

bahut sundar

Reena Maurya said...

बहुत सुन्दर
अच्छी प्रस्तुति!

dheerendra11 said...

इंतजार,आपकी रचना मुझे अच्छी लगी,चित्र पसंद आया,मेरे ब्लॉग में आपका स्वागत है.....

Human said...

bahut acha likha hai

Ravi Rajbhar said...

Bahut khoob bhai,,, :):)

निवेदिता said...

सुन्दर प्रस्तुति ........

Sunil Kumar said...

बहुत सुंदर क्या बात है ..

Kailash C Sharma said...

बहुत खूब...लाज़वाब अहसास..

NISHA MAHARANA said...

इसी उम्मीद की साँसें लेकर,
लाशें भी यहाँ जिये जा रहीं हैं......
very nice.

Babli said...

मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

हास्य-व्यंग्य का रंग गोपाल तिवारी के संग said...

Achhi rachna.

Babli said...

आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को दिवाली की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !

हरकीरत ' हीर' said...

गज़ब का इन्तजार है कुमार साहब .....

इस तरह के इन्तजार और हों आपके पास तो हमें भेज दें सरस्वती-सुमन पत्रिका के लिए ....
जी हाँ सरस्वती सुमन पत्रिका का एक अंक क्षणिका विशेषांक निकल रहा है ...
आप अपनी 10,12 kshnikayein संक्षिप्त परिचय और तस्वीर भेज दें ....

यहाँ...

harkirathaqeer@gmail.com

अनुपमा पाठक said...

सुंदर!