Saturday, 11 August 2012

हाइकू




१ )
घुटती साँसें
दोतरफा  जिंदगी 
यह  मौत  है,

( २ )
बन  जाता  है
एक  भूखा  इंसान
गुनहगार 

( ३ )
दिल  से  पूछो
मेरा  नसीब  क्या  है 
ख़ाली  हथेली,

( ४ )
कडुवा  सच 
झूठी  दुनिया  सारी
अजीब  है  ना,

( ५ )
धुंधले  शब्द 
गहराती  तस्वीर 
मेरी  कहानी,

- kumar

6 comments:

कुश्वंश said...

वजूद को तलाशने की कोशिश जारी रहे.

Reena Maurya said...

बहुत ही बेहतरीन हाइकु
सभी अपनी अलग कहानी बयां करती...
जिवंत और शानदार...
:-)

dheerendra said...

बेहतरीन,हाइकू सभी का अपना अलग२ रंग है,,,,बधाई कुमार जी ,,,,

RECENT POST ...: पांच सौ के नोट में.....

शालिनी कौशिक said...

nice..प्रोन्नति में आरक्षण :सरकार झुकना छोड़े

Anju (Anu) Chaudhary said...

धुंधले शब्द
गहराती तस्वीर
मेरी कहानी,



शब्द अगर साफ़ और सटीक हों जाए तो जिंदगी भी हसीन हों जाएगी .....

Saumya said...

sab ek se ek kamaal hain!!