Saturday, 9 February 2013

बहुत बहुत मुबाऱकबाद ...





आज हमारी शादी की पहली सालगिरह है । ''Mrs. निर्मला कुमार '' शादी की पहली  सालगिरह की बहुत बहुत मुबाऱकबाद । तुम्हारे साथ ये एक साल लड़ते-झगड़ते,प्यार करते यूँ ही बीत गया,बाकी सारी ज़िन्दगी भी यूँ गुज़र जायेगी...बस तुम मेरा हाथ यूँ ही थामे रखना...हमेशा...


फिर आज शिद्दत से मुझे दीदार करने दे ज़रा,
तू देखता रह चाँद को,मुझको मचलने दे ज़रा

कोई नई अदा ईजाद कर मेरी नज़र की सेज पर,
आज एहसासों को रात भर बात करने दे ज़रा

कुछ देर तक तू भूल जा इन बन्धनों के शौक को,
मुझको हदों से परे मिटकर सिमटने दे ज़रा

हर शम्मा को बेनूर कर,रौशन बना ले चश्म को,
ताउम्र मैँ जलता रहूँ,ऐसे पिघलने दे ज़रा

सदियों तक सुनते रहें दोनो दिलों की धड़कनें,
ना कोई बात तू करे,ना बात करने दे ज़रा

-कुमार


7 comments:

शालिनी कौशिक said...

बहुत सुन्दर .हार्दिक शुभकामनाएं ये क्या कर रहे हैं दामिनी के पिता जी ? आप भी जाने अफ़रोज़ ,कसाब-कॉंग्रेस के गले की फांस

डॉ. मोनिका शर्मा said...

बहुत भावपूर्ण पंक्तियाँ ..... आप दोनों को हार्दिक शुभकामनायें

संध्या शर्मा said...

बहुत सुन्दर भाव... आप दोनों को शादी की पहली सालगिराह की बहुत- बहुत शुभकामनायें...

Yashwant Mathur said...

अरे वाह! आपको और भाभी जी को शादी की सालगिरह बहुत बहुत मुबारक!



सादर

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
--
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (11-02-2013) के चर्चा मंच-११५२ (बदहाल लोकतन्त्रः जिम्मेदार कौन) पर भी होगी!
सूचनार्थ.. सादर!
हार्दिक बधाई हो!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत बहुत बधाई और शुभकमनाएं

सदा said...

बहुत-बहुत बधाई सहित अनंत शुभकामनाएँ ...

जमीं पे कर चुके कायम हदें, चलो अब आसमां का रुख करें  - अरविन्द