Saturday, 16 February 2013

देखना है तो...



मेरी 50 वीं पोस्ट मेरे ब्लॉग पर...

देखना है तो फिर खुलकर तमाशा देखिये
जो नहीं मुझ पर यकीं तो आज़मा कर देखिये
गाँव से अच्छी लगी दिल्ली मगर बस चार दिन,
आइये इस शहर में कुछ दिन बिताकर देखिये
कोई भी अखबार लो ख़बरें वही सब एक सी ,
मार दी एक और बहू ज़िन्दा जलाकर देखिये
शर्म से, फाँसी लगाकर मर गयी इंसानियत,
वहशियों का हौसला बढ़ता यहाँ फिर देखिये
इश्क हमने भी किया था, जान पर बन आयी थी,
हो जरा भी हौसला, तब दिल लगाकर देखिये
-कुमार

Saturday, 9 February 2013

बहुत बहुत मुबाऱकबाद ...





आज हमारी शादी की पहली सालगिरह है । ''Mrs. निर्मला कुमार '' शादी की पहली  सालगिरह की बहुत बहुत मुबाऱकबाद । तुम्हारे साथ ये एक साल लड़ते-झगड़ते,प्यार करते यूँ ही बीत गया,बाकी सारी ज़िन्दगी भी यूँ गुज़र जायेगी...बस तुम मेरा हाथ यूँ ही थामे रखना...हमेशा...


फिर आज शिद्दत से मुझे दीदार करने दे ज़रा,
तू देखता रह चाँद को,मुझको मचलने दे ज़रा

कोई नई अदा ईजाद कर मेरी नज़र की सेज पर,
आज एहसासों को रात भर बात करने दे ज़रा

कुछ देर तक तू भूल जा इन बन्धनों के शौक को,
मुझको हदों से परे मिटकर सिमटने दे ज़रा

हर शम्मा को बेनूर कर,रौशन बना ले चश्म को,
ताउम्र मैँ जलता रहूँ,ऐसे पिघलने दे ज़रा

सदियों तक सुनते रहें दोनो दिलों की धड़कनें,
ना कोई बात तू करे,ना बात करने दे ज़रा

-कुमार